लेखक

गाय हँसती है

समीक्षा कृष्ण  भूमि आज का मिथक है। दूध दही की नदियों के देश  में दूध प्लास्टिक की थैलियों में मिल रहा है। यशोदा को दही बिलोने की ज़रूरत नहीं रह गयीक-अनब्रांडेड उत्पादों का बाज़ार ही कहाँ बचा है? और इस तरह अतीत को पोंछ दिया गया है। गाय आज ब्रांड बन चुकी है, उसका स्वामित्व […]



निर्मल वर्मा

निर्मल वर्मा जन्म: 3 अप्रैल, 1929। जन्म-स्थानः शिमला। बचपन पहाड़ों पर बीता। शिक्षा: सेंट स्टीफेंस काॅलेज, दिल्ली से इतिहास में एमõएõ। कुछ वर्ष अध्यापन। 1959 में प्राग, चेकोस्लोवाकिया के प्राच्य विद्या संस्थान और चेकोस्लोवाक लेखक संघ द्वारा आमन्त्रित। सात वर्ष चेकोस्लोवाकिया में रहे और कई चेक कथाकृतियों के अनुवाद किए। कुछ वर्ष लन्दन में यूरोप-प्रवास […]



वन्दा करंदीकर

वन्दा करंदीकर जन्म: 23 अगस्त, 1918, धालवाल (देवगढ़), जिला-सिंधुदुर्ग। मुम्बई के रुइया काॅलेज, (माटुंगा), एसõआइõएसõ काॅलेज (सायन) में अंग्रज़ी का अध्यापन। 1976 में सेवानिवृत्त। साहित्य-सम्पदा-कविता-संग्रह: स्वेदगंगा (1949), मृद्गंध (1954), धृपद (1959), जातक (1968), विरूपिका (1989)। संकलित कविताएँ: ‘संहिता’ (सम्पादन: मंगेश पाडगाँवकर) ‘आदिमाया’ (सम्पादन: विजया राजाध्यक्ष)। बाल कविता-संग्रह: राणीची बाग (1961), एकदा काय झाले (1961), सशाचे […]



गगन गिल

एक अनवरत आत्मालाप का कवि : हरिभजन सिंह कवि हरिभजन सिंह की कविताएं



मनजीत कौर भाटिया

कवि हरिभजन सिंह की कविताएं