Posts Tagged ‘ अनुवाद: युगजीत नवलपुरी ’

चिलिका

– राधानाथ राय उत्कल कमला की विलास-पल्वलिका1 नीले जल वाली हंस-मालिनी चिलिका, उत्कल का गौरव-अलंकार तू ही है, उत्कल-भू-शोभा का अगार तू ही है! जिसका स्वभाव: भावुक-मानस हुलसाती वह सलिल-राशि तेरी दिगंत तक छाती, गोरी प्रसन्नवदना दिग्वधुएँ झुककर जिसमें अपनी मुखश्री निहारतीं जी भर। 1. उत्कल कमला की विलास-पल्वलिका1 नीले जल वाली हंस-मालिनी चिलिका, उत्कल […]