Posts Tagged ‘ वह मर रहा है ’

कवि हरिभजन सिंह की कविताएं

दीवार: कहीं कोई दीवार उभर रही है चुपचाप, अचेत, अदृश्य देह को सहला-सहला जाती पौष-माघ की धूप जितना भी खटका नहीं उसका दबे पाँव चली आती मौत जितना भी सन्देह नहीं उस पर लेकिन कोई दीवार उभर रही है ज़रूर…. -अनुवाद: मनजीत कौर भाटिया दीवार कहीं कोई दीवार उभर रही है चुपचाप, अचेत, अदृश्य देह […]